लखनऊ: चुनाव आयोग ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ड्राफ्ट के अनुसार राज्य में 12.55 करोड़ से अधिक योग्य मतदाता दर्ज हैं, जबकि मौजूदा पुनरीक्षण प्रक्रिया में करीब 2.89 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने पत्रकारों को बताया कि एसआईआर के दौरान 2.17 करोड़ मतदाता या तो अपने पते पर नहीं मिले या वे पंजीकृत पते से स्थानांतरित हो चुके थे। इसके अलावा 25.47 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।
सीईओ ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तय की गई है।
एसआईआर में सामने आए अहम तथ्य
- 46.23 लाख मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई।
- 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं हो सके।
- शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम सहयोग देखने को मिला।
हेल्पलाइन नंबर जारी
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराना पूरी तरह निःशुल्क है। शहरी क्षेत्रों में कम सहयोग को देखते हुए विशेष कैंप लगाने की भी योजना बनाई गई है।
कौन भर सकता है फॉर्म
सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार:
- 1 जनवरी 2008 से पहले जन्मे लोग फॉर्म भर सकते हैं।
- 1 अक्टूबर से पात्र होने वाले नए मतदाता भी आवेदन कर सकते हैं।
- जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
- अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
3 आसान स्टेप में ऐसे देखें अपना नाम
- चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll
पर जाएं। - राज्य और जिला चुनें, फिर अपना विधानसभा क्षेत्र सेलेक्ट करें।
- अपना बूथ चुनकर ड्राफ्ट मतदाता सूची डाउनलोड करें।
संशोधित कार्यक्रम
इससे पहले चुनाव आयोग ने 1 जनवरी 2026 की क्वालिफाइंग तिथि के आधार पर एसआईआर का संशोधित कार्यक्रम जारी किया था। ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन 6 जनवरी तक किया गया, जबकि दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक ली जाएंगी।
नोटिस जारी करने, फॉर्म पर निर्णय और दावों-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी।
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान—में एसआईआर की निगरानी के लिए विशेष रोल ऑब्जर्वर (एसआरओ) नियुक्त किए थे।